Tuesday, April 14, 2009
मेरी आंखों का नूर - आभा
लोग कहते हैंकि बेटे को जिंदगी दे दी मैंनेपर उसके कई संगी नहीं रहेजिनकी बड़ी बड़ी आंखेंआज भी घूरती कहती हैं-आंटी , मैं भी कहानी लिखूंगी अपनीउसकी आवाज आज भीगूंजती है कानों मेंबच्ची कैसी आवाज लगाई तूनेजो आज भी गूंज रही है फिजां मेंओहव्हील चेयर पर दर्द से तड़पती आंखें वेवह दर्द आज मेरी आंखों का नूर बन चमक रहा है
Sunday, January 25, 2009
मेरा प्यार एक समुद्र की तरह है
मेरा प्यार एक समुद्र की तरह है
यह नीचे इतना गहरा हो जाता है
मेरा प्यार एक गुलाब की तरह है
आप रखना चाहते हैं किसका सुंदरता.
मेरा प्यार एक नदी की तरह है
यह कभी खत्म नहीं होगा
मेरा प्यार एक कबूतर की तरह है
एक सुन्दर संदेश के साथ भेजने के लिए.
मेरा प्यार एक गीत की तरह है
उस पर और हमेशा के लिए पर चला जाता है
मेरा प्यार एक कैदी की तरह है
यह तुम्हारे लिए है कि मैं समर्पण की
यह नीचे इतना गहरा हो जाता है
मेरा प्यार एक गुलाब की तरह है
आप रखना चाहते हैं किसका सुंदरता.
मेरा प्यार एक नदी की तरह है
यह कभी खत्म नहीं होगा
मेरा प्यार एक कबूतर की तरह है
एक सुन्दर संदेश के साथ भेजने के लिए.
मेरा प्यार एक गीत की तरह है
उस पर और हमेशा के लिए पर चला जाता है
मेरा प्यार एक कैदी की तरह है
यह तुम्हारे लिए है कि मैं समर्पण की
Tuesday, December 30, 2008
आज भी इस जिंदगी की चमक में तुम हो........
बेखौफ़ निगाहों से
जब तुम देखते हो मुझे
दिल उदास हो जाता है
बीते हुए क्षण
क्यूँ याद आते है इतना
फिर तड़प जाती हूँ मैं
अपना प्यार पाने के लिये
वो तमाम हरकते
गुदगुदाने लगती है
मेरे अस्मरण को
मेरी चाह थी तुम्हारे संग जीने की
पर समय और मज़बूरी ने
मुझे तोड़ दिया
आज मैं तुम्हें खोकर भी
तुम्हारी जान हूँ
प्यार है मेरी साँसों में
इस जिंदगी की किस्मत
सिर्फ़ आंसू है
हाँ
आज भी इस जिंदगी की
चमक में तुम हो।
जब तुम देखते हो मुझे
दिल उदास हो जाता है
बीते हुए क्षण
क्यूँ याद आते है इतना
फिर तड़प जाती हूँ मैं
अपना प्यार पाने के लिये
वो तमाम हरकते
गुदगुदाने लगती है
मेरे अस्मरण को
मेरी चाह थी तुम्हारे संग जीने की
पर समय और मज़बूरी ने
मुझे तोड़ दिया
आज मैं तुम्हें खोकर भी
तुम्हारी जान हूँ
प्यार है मेरी साँसों में
इस जिंदगी की किस्मत
सिर्फ़ आंसू है
हाँ
आज भी इस जिंदगी की
चमक में तुम हो।
इस जिंदगी की चमक में तुम हो
बेखौफ़ निगाहों
से जब तुम देखते हो
मुझे दिल उदास हो जाता है
बीते हुए क्षण क्यूँ याद आते हैं
इतना फिर तड़प जाती हूँ मैं
अपना प्यार पाने के लिये
वो तमाम हरकते गुदगुदाने लगती है
मेरे अस्मरण को
मैंने चाहा था तुम्हारे संग जीना
पर समय और मज़बूरी ने मुझे तोड़ दिया
आज मैं तुम्हें खोकर भी तुम्हारी जान हूँ
प्यार है मेरी साँसों में इस की किस्मत
सिर्फ़ आंसू है हाँ
आज भी इस जिंदगी की चमक में तुम हो
से जब तुम देखते हो
मुझे दिल उदास हो जाता है
बीते हुए क्षण क्यूँ याद आते हैं
इतना फिर तड़प जाती हूँ मैं
अपना प्यार पाने के लिये
वो तमाम हरकते गुदगुदाने लगती है
मेरे अस्मरण को
मैंने चाहा था तुम्हारे संग जीना
पर समय और मज़बूरी ने मुझे तोड़ दिया
आज मैं तुम्हें खोकर भी तुम्हारी जान हूँ
प्यार है मेरी साँसों में इस की किस्मत
सिर्फ़ आंसू है हाँ
आज भी इस जिंदगी की चमक में तुम हो
Friday, November 28, 2008
दोस्ती को कभी इत्तफाक नही कहते
सिर्फ़ रिश्तों के बंधन को ,
विश्वाश नही कहते
हर आंसू को जज्बात नही कहते
किस्मत से मिलते हैं
दोस्त जिंदगी में
इसलिया दोस्ती को कभी
इत्तफाक नही कहते
विश्वाश नही कहते
हर आंसू को जज्बात नही कहते
किस्मत से मिलते हैं
दोस्त जिंदगी में
इसलिया दोस्ती को कभी
इत्तफाक नही कहते
क्या वही है पत्नी
इंतजार में बैठा शराबी पति
बरस परता है
उसके शरीर पे
फिर उसकी सिसकी सुनाई पड़ती है
आ ... आ .....आज भी पैसे नही लाये
फिर सास की जलील बातें
सब उसे जलाने
के खड़यन्त्र में लग जाते हैं
क्या वही है पत्नी
वह रोती है फूट फूट कर
फिर भी पति से प्यार करती है
बरस परता है
उसके शरीर पे
फिर उसकी सिसकी सुनाई पड़ती है
आ ... आ .....आज भी पैसे नही लाये
फिर सास की जलील बातें
सब उसे जलाने
के खड़यन्त्र में लग जाते हैं
क्या वही है पत्नी
वह रोती है फूट फूट कर
फिर भी पति से प्यार करती है
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